hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kushal Dauneria
kal shab libaas usne jo pahna gulaab ka
kal shab libaas usne jo pahna gulaab ka | कल शब लिबास उसने जो पहना गुलाब का
- Kushal Dauneria
कल
शब
लिबास
उसने
जो
पहना
गुलाब
का
ख़ुशबू
गुलाब
की
कहीं
चर्चा
गुलाब
का
देखी
हसीन
लोगों
की
औलाद
भी
हसीन
पौधे
से
उगता
देखा
है
पौधा
गुलाब
का
मैं
था
गुलाब
तोड़ने
वालों
के
शहरस
और
उसको
चाहिए
था
बगीचा
गुलाब
का
सुनते
हो
आज
टूट
गया
लाडले
का
दिल
अब
उसके
आगे
ज़िक्र
न
करना
गुलाब
का
- Kushal Dauneria
Download Ghazal Image
अब
तो
गाँवो
में
भी
ईंटों
के
महल
बसने
लगे
गाँव
की
मिट्टी
से
वो
ख़ुशबू
रूहानी
ख़ो
गई
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
42 Likes
मुझ
को
कहानियाँ
न
सुना
शहर
को
बचा
बातों
से
मेरा
दिल
न
लुभा
शहर
को
बचा
Taimur Hasan
Send
Download Image
14 Likes
उसको
शहर
की
सड़कें
अच्छी
लगती
हैं
मेरा
क्या
है
मुझको
चलना
पड़ता
है
Kafeel Rana
Send
Download Image
37 Likes
बंदा
किसी
के
साथ,
ख़ुदा
हो
किसी
के
साथ
जाने
पराए
शहर
में
क्या
हो
किसी
के
साथ
Mueed Mirza
Send
Download Image
28 Likes
जो
सुनते
हैं
कि
तिरे
शहर
में
दसहरा
है
हम
अपने
घर
में
दिवाली
सजाने
लगते
हैं
Jamuna Parsad Rahi
Send
Download Image
26 Likes
बाद
उसके
दिल-नगर
फिर
बस
गया
एहतरामन
इक
गली
वीरान
है
Vishal Bagh
Send
Download Image
33 Likes
शहर
गुम-सुम
रास्ते
सुनसान
घर
ख़ामोश
हैं
क्या
बला
उतरी
है
क्यूँँ
दीवार-ओ-दर
ख़ामोश
हैं
Azhar Naqvi
Send
Download Image
23 Likes
जि
यूँँगी
किस
तरह
तेरे
बिना
मत
फिक्र
कर
इसकी
गुज़रती
जिस
शहरस
हूँ
दिवाने
छोड़
आती
हूँ
Read Full
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
33 Likes
नहीं
हो
तुम
तो
ऐसा
लग
रहा
है
कि
जैसे
शहर
में
कर्फ़्यूँँ
लगा
है
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
53 Likes
अब
के
सावन
में
शरारत
ये
मिरे
साथ
हुई
मेरा
घर
छोड़
के
कुल
शहर
में
बरसात
हुई
Gopaldas Neeraj
Send
Download Image
47 Likes
Read More
जहाँ-जहाँ
पे
तुझे
ग़ैर
ने
छुआ
हुआ
था
वहाँ-वहाँ
पे
मेरा
जिस्म
भी
जला
हुआ
था
शिकस्त
होनी
थी
ये
मेरा
पहला
इश्क़
था
और
वो
बे-वफ़ा
यही
करते
हुए
बड़ा
हुआ
था
फिर
एक
रोज़
मुझे
ये
पता
लगा
उसके
पुराने
आशिक़ों
के
साथ
भी
बुरा
हुआ
था
पिता
के
कहने
से
लड़की
ने
घर
बसा
लिया
पर
माॅं
इस
कहानी
में
लड़के
के
साथ
क्या
हुआ
था
Read Full
Kushal Dauneria
Download Image
36 Likes
जिस
शाम
उसको
ट्रेन
में
बैठा
के
आया
था
मैं
उसको
उसके
प्यार
से
मिलवा
के
आया
था
उसकी
बसी
बसाई
मैं
दुनिया
उजाड़
कर
जो
खा
नहीं
सका
उसे
फैला
के
आया
था
मेरे
नसीब
में
कहीं
बैठा
तुम्हारा
दुख
लगता
था
जैसे
माँ
की
क़सम
खा
के
आया
था
Read Full
Kushal Dauneria
Download Image
25 Likes
हज़ारों
मन्नतों
पर
भी
कोई
बोसा
नहीं
मिलता
किसी
सूरत
में
उस
कंजूस
के
बटुए
नहीं
खुलते
Kushal Dauneria
Send
Download Image
59 Likes
जला
कर
दिल
उजाला
हो
गया
क्या
मेरा
ज़र्रा
सितारा
हो
गया
क्या
नई
चीज़ों
को
घर
में
रखने
वाले
मैं
कुछ
ज़्यादा
पुराना
हो
गया
क्या
घरों
से
भागने
वाले
बताएँ
मोहब्बत
से
गुज़ारा
हो
गया
क्या
Read Full
Kushal Dauneria
Download Image
26 Likes
आए
दिन
मुझ
सेे
ख़फ़ा
रहता
है
दिल
को
इक
डर
सा
लगा
रहता
है
सारा
दिन
प्यार
करेगा
मुझ
सेे
जैसे
तू
घर
पे
बड़ा
रहता
है
सब
सेे
कहती
है
तुम्हारा
शायर
मेरे
पहलू
में
पड़ा
रहता
है
इश्क़
वो
खेल
है
जिस
में
हर
वक़्त
जान
का
ख़तरा
बना
रहता
है
Read Full
Kushal Dauneria
Download Image
22 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Promise Shayari
Cigarette Shayari
Deedar Shayari
Mehndi Shayari
Partition Shayari