tumhaare paanv | तुम्हारे पाँव

  - kumar rahul
तुम्हारेपाँव
तुम्हारेपाँवकेतलेहैएकआसमानजानाँ
तुम्हारेपाँवमेंहैमेरीमोहब्बतकाबयानजानाँ
हैइन
मेंएकसुकूत,एकइत्मीनानकिकहतेहैं
तुम्हारेपाँवमेंहैंदरवेशोंकेदो-जहानजानाँ
तुम्हारेपाँवमेंखुलतेहैंबशरकेतालेयानी
तुम्हारेपाँवमेंहैंआब-ए-ज़मज़मकेप्यालेयानी
हैइन
मेंएकउम्रकीआँखेंऔरकुछइसतरह
तुम्हारेपाँवमेंघुलतेहैंग़ैबकेउजालेयानी
तुम्हारेपाँवमेंबैठेहैंपयम्बर-ए-अज़ीमदेखो
तुम्हारेपाँवमेंबैठेहैंकरीम-ओ-रहीमदेखो
किसतरहपातेदुनियाकेदर्दकादरमाँहम
तुम्हारेपाँवमेंबैठेहैंज़ाहिद-ओ-हक़ीमदेखो
तुम्हारेपाँवमेंहिनाकीख़ुशबूठहरे
तुम्हारेपाँवमेंसिकंदर-ओ-अरस्तूठहरे
हमयेसोचतेहैंऔरबारहासोचतेहैं
तुम्हारेपाँवमेंजानेकितनेपहलूठहरे
तुम्हारेपाँवमेंसुब्ह-ए-बहाराँकेफूलखिलतेहैं
तुम्हारेपाँवमेंयानीकिहमकोरसूलमिलतेहैं
हमकिमिलतेहैंजबभीअमीर-ए-शहरसजानाँ
तुम्हारेपाँवमेंबैठेहुएबा-उसूलमिलतेहैं
तुम्हारेपाँवमेंहैंख़राबहालोंकेघरअबभी
तुम्हारेपाँवमेंहैंशायरोंकेमुक़द्दरअबभी
हमइसख़यालमेंहैंऔरकुछग़लततोनहीं
तुम्हारेपाँवहैंताजमहलसेहँसी-तरअबभी
  - kumar rahul
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