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Krishnakant Kabk
aar ya paar ka intizaar hai
aar ya paar ka intizaar hai | आर या पार का इंतिज़ार है
- Krishnakant Kabk
आर
या
पार
का
इंतिज़ार
है
तेरे
दीदार
का
इंतिज़ार
है
बेसुरे
गीत
हैं
हम
सब
और
हमें
तेरी
झंकार
का
इंतिज़ार
है
ज़िन्दगी
ने
जिताया
है
इस
कदर
अब
हमें
हार
का
इंतिज़ार
है
कश्मकश
ये
कि
इतवार
के
ही
दिन
हमको
इतवार
का
इंतिज़ार
है
दो
दफ़ा
कह
दिया
है
"कुबूल
हैं"
तीसरी
बार
का
इंतिज़ार
है
- Krishnakant Kabk
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हमें
दीदार
से
मरहूम
रखकर
है
नज़र
दिल
पर
पराया
माल
ताको
और
दौलत
अपनी
रहने
दो
Dagh Dehlvi
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कौन
सी
जा
है
जहाँ
जल्वा-ए-माशूक़
नहीं
शौक़-ए-दीदार
अगर
है
तो
नज़र
पैदा
कर
Ameer Minai
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सरफ़रोशी
की
तमन्ना
अब
हमारे
दिल
में
है
देखना
है
ज़ोर
कितना
बाज़ू-ए-क़ातिल
में
है
Bismil Azimabadi
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मैं
तो
क़ाबिल
न
था
उन
के
दीदार
के
उन
की
चौखट
पे
मेरी
ख़ता
ले
गई
Kausar Siwani
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तू
है
इक़
सुर्ख़
लाल
जोड़े
में
और
क़फ़न
में
पड़े
हुए
हैं
हम
बस
तेरी
एक
दीद
के
ख़ातिर
देख
कब
से
खड़े
हुए
है
हम
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Shadab Asghar
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मैंने
बस
इतना
पूछा
था
क्या
देखते
हो
भला
मैंने
ये
कब
कहा
था
मुझे
देखना
छोड़
दो
Tajdeed Qaiser
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माना
कि
तेरी
दीद
के
क़ाबिल
नहीं
हूँ
मैं
तू
मेरा
शौक़
देख
मिरा
इंतिज़ार
देख
Allama Iqbal
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उसी
के
चेहरे
पे
आँखें
हमारी
रह
जाएँ
किसी
को
इतना
भी
क्या
देखना
ज़रूरी
है
Jyoti Azad Khatri
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मैंने
बस
इतना
पूछा
था
क्या
देखते
हो
भला
मैंने
ये
कब
कहा
था
मुझे
देखना
छोड़
दो
गीली
मिट्टी
की
ख़ुशबू
मुझे
सोने
देती
नहीं
मेरे
बालों
में
तुम
उँगलियाँ
फेरना
छोड़
दो
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Tajdeed Qaiser
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हम
कुछ
ऐसे
तेरे
दीदार
में
खो
जाते
हैं
जैसे
बच्चे
भरे
बाज़ार
में
खो
जाते
हैं
Waseem Barelvi
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वो
तैरना
सीखा
नहीं
जो
इक
दफ़ा
डूबा
नहीं
Krishnakant Kabk
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हर
गीत
में
हर
बार
गाऊँगा
तुझे
अपनी
ग़ज़ल
में
गुनगुनाऊँगा
तुझे
तू
ईद
है
और
तू
ही
दीवाली
मेरी
मैं
हर
बरस
यूँँही
मनाऊँगा
तुझे
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Krishnakant Kabk
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बातों
बातों
में
तेरी
जब
बात
आने
लगती
है
फिर
बिना
मौसम
के
ही
बरसात
आने
लगती
है
ख़ूब-सूरत
होती
थी
हर
शाम
तेरे
साथ
में
दोपहर
के
बाद
अब
तो
रात
आने
लगती
है
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Krishnakant Kabk
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न
रूई
हो
तो
अपने
अश्कों
से
बाती
बनाएँगे
बुझा
दीया
हमारा
तो
हवा
से
लड़
भी
जाएँगे
बनाई
रोज़
चौदह
साल
रंगोली
बस
इस
ख़ातिर
न
जाने
रामजी
वनवास
से
कब
लौट
आएंँगे
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Krishnakant Kabk
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शा'इरी
का
फ़न
तुम
भी
सीख
लो
ज़रा
हम
सेे
बस
गिटार
पर
ही
लड़की
फ़िदा
नहीं
होती
Krishnakant Kabk
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