hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kinshu Sinha
kaha kuchh nahin ha
kaha kuchh nahin ha | कहा कुछ नहीं हमें उसने रवानगी के पहले
- Kinshu Sinha
कहा
कुछ
नहीं
हमें
उसने
रवानगी
के
पहले
सो
हमारे
लब
भी
चुप
चुप
रहे
ख़ुद-कुशी
के
पहले
उसे
याद
आ
गया
कोई
रक़ीब
चार
दिन
बाद
हमें
मौत
याद
आने
लगी
ज़िंदगी
के
पहले
- Kinshu Sinha
Download Sher Image
अब
दुआएँ
पा
रहा
है
हर
दिल-ए-नाशाद
की
क्या
ग़ज़ब
होगा
वो
जिसने
ख़ुद-कुशी
ईजाद
की
शा'इरी
का
ये
हुनर
कुछ
देर
से
आया
मगर
जी-हुज़ूरी
की
नहीं
मैंने
किसी
उस्ताद
की
Read Full
Rituraj kumar
Send
Download Image
15 Likes
ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
ज़िंदगी
इक
फ़िल्म
है
मिलना
बिछड़ना
सीन
हैं
आँख
के
आँसू
तिरे
किरदार
की
तौहीन
हैं
Sandeep Thakur
Send
Download Image
26 Likes
पत्थर
दिल
के
आँसू
ऐसे
बहते
हैं
जैसे
इक
पर्वत
से
नदी
निकलती
है
Shobhit Dixit
Send
Download Image
11 Likes
इश्क़
में
ख़ुद-कुशी
नहीं
करते
इश्क़
में
इंतिज़ार
करते
हैं
Rajesh Reddy
Send
Download Image
45 Likes
मेरे
आँसू
मिरे
अंदर
ही
गिरे
रोने
से
जी
और
बोझल
हो
गया
Abbas Tabish
Send
Download Image
28 Likes
आँसू
हो
तेरे
पास
तो
तू
भी
ख़रीद
ला
ग़म
की
दुकाँ
में
बिकती
है
ख़ुशियाँ
बड़ी
बड़ी
SHIV SAFAR
Send
Download Image
0 Likes
अपनी
नज़रों
में
गिर
चुका
हूँ
मैं
ये
तरीक़ा
भी
ख़ुद-कुशी
का
था
Bhavesh Pathak
Send
Download Image
25 Likes
दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
Read Full
Abhishar Geeta Shukla
Send
Download Image
52 Likes
रूमाल
ले
लिया
है
किसी
माह-जबीन
से
कब
तक
पसीना
पोंछते
हम
आस्तीन
से
ये
आँसुओं
के
दाग़
हैं,
आँसू
ही
धोएँगे
ये
दाग़
धुल
न
पाएँगे
वाशिंग
मशीन
से
Read Full
Waseem Nadir
Send
Download Image
44 Likes
Read More
हाथ
जब
आए
ज़िन्दगी
के
अश्क़
ग़ैर
लगने
लगे
ख़ुदी
के
अश्क़
अश्क़
भी
मेरे
बे-वफ़ा
निकले
पाया
इन
हाथों
में
उसी
के
अश्क़
रो
नहीं
पाता
आदमी
लेकिन
ख़ूब
रोते
हैं
आदमी
के
अश्क़
चार
कंधों
पे
भारी
पड़ते
हैं
अपनी
माँ
की
रवानगी
के
अश्क़
कौन
गंदा
करेगा
हाथ
अपने
कौन
पोंछेगा
मुफ़्लिसी
के
अश्क़
कोई
आकर
जी
भर
रो
सकता
है
लेते
हैं
हम
बहुत
किसी
के
अश्क़
आँखों
में
अश्क़
आ
गए
मेरे
याद
जो
आए
आशिक़ी
के
अश्क़
अब
समय
किसके
पास
है
ग़म
का
अब
रुलाते
हैं
बस
ख़ुशी
के
अश्क़
राब्ता
भी
तभी
सही
है
‘किंशु’
बहते
हों
जब
बराबरी
के
अश्क़
Read Full
Kinshu Sinha
Download Image
3 Likes
फूल
पत्थर
हुआ,
मुबारक
हो
तुझको
ऐ
बे-वफ़ा,
मुबारक
हो
तेरा
दिल
था
तबाह
करने
का
देख
मैं
हो
गया,
मुबारक
हो
Read Full
Kinshu Sinha
Download Image
0 Likes
उसका
ख़ुदा
कोई
न
हो
उसका
ख़ुदा
वो
ख़ुद
ही
हो
मुझ
सा
ही
काफ़िर
चाहिए
मुझको
मुहब्बत
के
लिए
Kinshu Sinha
Send
Download Image
1 Like
कौन
कहता
है
ख़ुदा
मरता
नहीं
है
हम
ख़ुदा
थे
उसके
और
हम
मर
चुके
हैं
Kinshu Sinha
Send
Download Image
17 Likes
ये
लड़की
कब
से
मेरी
बाहों
में
रो
रही
है
अच्छा
तो
लग
रहा
है
पर
देर
हो
रही
है
ये
जानती
है
मुझको
इक
तोहफ़ा
चाहिए
था
सो
आँसुओं
से
मेरी
कॉलर
भिगो
रही
है
वो
साथ
रहने
का
वा'दा
यूँँ
निभा
रही
है
इस
शर्ट
में
दुपट्टा
अपना
पिरो
रही
है
अब
सारे
काम
तो
मुझको
टालने
ही
होंगे
अब
ये
सुकूँ
से
मेरी
बाहों
में
सो
रही
है
Read Full
Kinshu Sinha
Download Image
6 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Eitbaar Shayari
Education Shayari
Gulshan Shayari
Travel Shayari
Aankhein Shayari