haath jab aa.e zindagi ke ashq | हाथ जब आए ज़िन्दगी के अश्क़

  - Kinshu Sinha
हाथजबआएज़िन्दगीकेअश्क़
ग़ैरलगनेलगेख़ुदीकेअश्क़
अश्क़भीमेरेबे-वफ़ानिकले
पायाइनहाथोंमेंउसीकेअश्क़
रोनहींपाताआदमीलेकिन
ख़ूबरोतेहैंआदमीकेअश्क़
चारकंधोंपेभारीपड़तेहैं
अपनीमाँकीरवानगीकेअश्क़
कौनगंदाकरेगाहाथअपने
कौनपोंछेगामुफ़्लिसीकेअश्क़
कोईआकरजीभररोसकताहै
लेतेहैंहमबहुतकिसीकेअश्क़
आँखोंमेंअश्क़गएमेरे
यादजोआएआशिक़ीकेअश्क़
अबसमयकिसकेपासहैग़मका
अबरुलातेहैंबसख़ुशीकेअश्क़
राब्ताभीतभीसहीहै‘किंशु’
बहतेहोंजबबराबरीकेअश्क़
  - Kinshu Sinha
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