phir dhoke khaaunga dartaa hooñ | फिर धोखे खाऊँगा, डरता हूँ

  - Kinshu Sinha
फिरधोखेखाऊँगा,डरताहूँ
फिरसेमरजाऊँगा,डरताहूँ
सुब्हलिएजाऊँगाअपनीमैं
रातलिएआऊँगा,डरताहूँ
प्यारमिलेगागरदरवाज़ेपर
अंदरशकलाऊँगा,डरताहूँ
एकखुलीखिड़कीहोगीजिस
में
झाँकनहींपाऊँगा,डरताहूँ
रंगेहाथोंपकड़ाउसकोतो
मुजरिमकहलाऊँगा,डरताहूँ
वोसमझाएगामुझकोऔरमैं
जल्दसमझजाऊँगा,डरताहूँ
ख़त्मकर,मेरेडरकोदोस्त
सबसेेटकराऊँगा,डरताहूँ
  - Kinshu Sinha
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