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Khurram Afaq
jab ham mut
jab ham mut | जब हम मुट्ठी खोलेंगे
- Khurram Afaq
जब
हम
मुट्ठी
खोलेंगे
नई
कहानी
खोलेंगे
ज़ख़्म
की
इज़्ज़त
करते
हैं
देर
से
पट्टी
खोलेंगे
चेहरा
पढ़ने
वाले
चोर
गठरी
थोड़ी
खोलेंगे
दिल
का
वहम
निकालेंगे
गले
की
डोरी
खोलेंगे
वो
ख़ुद
थोड़ी
आएगा
नौकर
कुंडी
खोलेंगे
ज़ोर
से
गाँठ
लगाई
थी
दाँत
से
रस्सी
खोलेंगे
- Khurram Afaq
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डर
है
घर
में
कैसे
बोला
जाएगा
छोड़ो
जो
भी
होगा
देखा
जाएगा
मैं
बस
उसका
चेहरा
पढ़कर
जाऊँगा
मेरा
पेपर
सब
सेे
अच्छा
जाएगा
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Vishal Singh Tabish
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इतना
प्यारा
है
वो
चेहरा
कि
नज़र
पड़ते
ही
लोग
हाथों
की
लकीरों
की
तरफ़
देखते
हैं
Nadir Ariz
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किस
लिए
देखती
हो
आईना
तुम
तो
ख़ुद
से
भी
ख़ूब-सूरत
हो
Jaun Elia
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तेरा
चेहरा
कितना
सुहाना
लगता
है
तेरे
आगे
चाँद
पुराना
लगता
है
Kaif Bhopali
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तेरा
लिक्खा
जो
पढ़ूँ
तो
तेरी
आवाज़
सुनूँ
तेरी
आवाज़
सुनूँ
तो
तेरा
चेहरा
देखूँ
Bhaskar Shukla
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दूसरों
पर
अगर
तब्सिरा
कीजिए
सामने
आइना
रख
लिया
कीजिए
Khumar Barabankvi
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रोना
हो
आसान
हमारा
इतना
कर
नुक़्सान
हमारा
बात
नहीं
करनी
तो
मत
कर
चेहरा
तो
पहचान
हमारा
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Shariq Kaifi
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तुर्रा-ए-काकुल-ए-पेचां
रुख़-ए-नूरानी
पर
चश्मा-ए-आईना
में
साँप
सा
लहराता
है
Miyan Dad Khan Sayyah
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उनकी
आँखों
में
ये
आँखें
थी
और
इन
आँखों
में
वो
आईने
के
सामने
रक्खा
हुआ
था
आईना
Bhaskar Shukla
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ज़रा
विसाल
के
बाद
आइना
तो
देख
ऐ
दोस्त
तिरे
जमाल
की
दोशीज़गी
निखर
आई
Firaq Gorakhpuri
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बात
करते
हुए
बे-ख़याली
में
ज़ुल्फ़ें
खुली
छोड़
दी
हम
निहत्थों
पे
उसने
ये
कैसी
बलाएँ
खुली
छोड़
दी
साथ
जब
तक
रहे
एक
लम्हे
को
भी
रब्त
टूटा
नहीं
उसने
आँखें
अगर
बंद
कर
ली
तो
बाँहें
खुले
छोड़
दी
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Khurram Afaq
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अब
ऐसे
ज़ाविए
पर
लौ
रखी
जाने
लगी
है
चराग़ों
के
तले
भी
रोशनी
जाने
लगी
है
नया
पहलू
सलीक़े
से
बयाँ
करना
पड़ेगा
कहानी
अब
तवज्जोह
से
सुनी
जाने
लगी
है
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Khurram Afaq
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बुरा
बनता
हूँ
कि
शायद
ऐसे
वो
मिरे
सामने
अच्छा
बन
जाए
Khurram Afaq
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दवा
से
हल
न
हुआ
तो
दु'आ
पे
छोड़
दिया
तिरा
मोआ'मला
हम
ने
ख़ुदा
पे
छोड़
दिया
Khurram Afaq
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नताएज
जब
सर-ए-महशर
मिलेंगे
मोहब्बत
के
अलग
नंबर
मिलेंगे
कोई
चालाक
पानी
पी
गया
है
घड़े
में
अब
फ़क़त
कंकर
मिलेंगे
ये
दीवारें
किसी
की
मुंतज़िर
हैं
यहाँ
हर
सम्त
कैलन्डर
मिलेंगे
हवा
की
पैरवी
करनी
पड़ेगी
यूँँही
थोड़ी
शजर
झुक
कर
मिलेंगे
तुम्हारी
मेज़बानी
के
बहाने
कोई
दिन
हम
भी
अपने
घर
मिलेंगे
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Khurram Afaq
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