baat karte hue be-khayaali men zulfen khulii chhod dii | बात करते हुए बे-ख़याली में ज़ुल्फ़ें खुली छोड़ दी

  - Khurram Afaq
बातकरतेहुएबे-ख़यालीमेंज़ुल्फ़ेंखुलीछोड़दी
हमनिहत्थोपेउसनेयेकैसीबलाएँखुलीछोड़दी
साथजबतकरहेएकलम्हेकोभीरब्तटूटानहीं
उसनेआँखेंअगरबंदकरलिएतोबाँहेखुलेछोड़दी
क्याअनोखायक़ींथाजोउसदिनउतारागयाशहरपर
घरपलटतेहुएताजिरोनेदुकानेंखुलीछोड़दी
मेरेक़ाबूमेंहोकरभीवोइतनासरकशहैतोसोचिए
क्याबनेगाअगरमैंनेउसकीलगा
मेंखुलीछोड़दी
जिसनेआतेहुएमेरीतरतीबपरइतनेजुमलेकसे
उसनेजातेहुएमेरेदिलकीदराज़ेंखुलेछोड़दी
  - Khurram Afaq
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