अकेलेहैंवोऔरझुँझलारहेहैं
मेरीयादसेजंगफ़रमारहेहैं
इलाहीमेरेदोस्तहोंख़ैरियतसे
येक्यूँँघरमेंपत्थरनहींआरहेहैं
बहुतख़ुशहैंगुस्ताख़ियोंपरहमारी
ब-ज़ाहिरजोबरहमनज़रआरहेहैं
येकैसीहवा-ए-तरक़्क़ीचलीहै
दीएतोदीएदिलबुझेजारहेहैं
बहिश्त-ए-तसव्वुरकेजलवेहैंमैंहूँ
जुदाईसलामतमज़ेआरहेहैं
बहारोंमेंभीमयसेपरहेज़तौबा
‘ख़ुमार’आपकाफ़िरहुएजारहेहैं