zulm gar itne sahenge | ज़ुल्म गर इतने सहेंगे

  - Rovej sheikh
ज़ुल्मगरइतनेसहेंगे
तोहमयूँंहीमरेंगे
नब्ज़गरचलतीरहेगी
तोकहींहमफिरमिलेंगे
जोकहानीहैअधूरी
वोकहानीफिरलिखेंगे
रोकनेआएँगेकुछलोग
फिरभीहमचलतेरहेंगे
कौनहोगरकोईपूछें
इश्क़हैंहमयेकहेंगे
शाख़परकांटेभीहोंगे
फूलगरफिरसेखिलेंगे
गरहमेंमरनाहुआतो
यारदोनोंहीमरेंगे
  - Rovej sheikh
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