bojh gham ka bhi KHud uth | बोझ ग़म का भी ख़ुद उठाना है

  - Rabiya Khanam
बोझग़मकाभीख़ुदउठानाहै
दिलपेमरहमभीख़ुदलगानाहै
उसकेतारीकदिलकीचौखटपर
इकदियामुझकोभीजलानाहै
आज़मानाहैकुछनयामुझको
आगसेआगकोबुझानाहै
अबकिदिलकोकुशादाकरनाहै
दुश्मनोंकोगलेलगानाहै
फ़ैसलेसारेआजहीकरलो
वैसेभीकलकाक्याठिकानाहै
बेमुरव्वतकिसीभीइंसाँसे
मुझकोरिश्तानहींनिभानाहै
हाँअदावततोकरनीहैमुझको
परतमाशानहींबनानाहै
शहरसअबतोलौटआओतुम
औरकितनातुम्हेंकमानाहै
इतनीजल्दीहैक्यूँतुम्हेंआख़िर
लौटकरघरमुझेभीजानाहै
करलियाहैयेअहदख़ुदसेही
अबमुहब्बतसेबाज़आनाहै
  - Rabiya Khanam
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