jaan-e-arman jaan-e dil jaan-e-tamanna likh diya | जान-ए-अरमाँ, जान-ए- दिल, जान-ए-तमन्ना लिख दिया

  - Rabiya Khanam
जान-ए-अरमाँ,जान-ए-दिल,जान-ए-तमन्नालिखदिया
उसनेमेरानामलिखकरजानेक्याक्यालिखदिया
आपमेरीज़िंदगीहैंआपमेरीआरज़ू
मैंनेभीकुछडरतेडरतेख़तमेंइतनालिखदिया
आपकीनज़रोंमेंक्याहूँयेपतामुझकोनहीं
मैंनेअपनाआपकोसमझाहैअपनालिखदिया
आपकाकाग़ज़क़लमथाआपकीमहफ़िलभीथी
आपनेजिसकोभीचाहाउसकोअच्छालिखदिया
बेमुरव्वत,संगदिल,झूठा,फ़रेबी,बे-वफ़ा
आजग़ुस्सेमेंमुझेभीउसनेक्याक्यालिखदिया
अबकोईनाराज़होजाएतोवोभीक्याकरे
वोतोइकशायरहैउसनेजोभीदेखालिखदिया
  - Rabiya Khanam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy