yaad hai pahle roz kaha tha | "याद है पहले रोज़ कहा था"

  - Khalil Ur Rehman Qamar
"यादहैपहलेरोज़कहाथा"
यादहैपहलेरोज़कहाथा
फिरकहनाग़लतीदिलकी
प्यारसमझकेकरनालड़की
प्यारनिभानाहोताहै
फिरपारलगानाहोताहै
यादहैपहलेरोज़कहाथा
साथचलोतोपूरेसफ़रतक
मरजानेकीअगलीख़बरतक
समझोयारख़ुदातकहोगा
साराप्यारवफ़ातकहोगा
फिरयेबंधनतोड़जाना
छोड़गएतोफिरआना
छोड़दियाजोतेरानहींहै
चलागयाजोमेरानहींहै
यादहैपहलेरोज़कहाथा
यातोटूटकेप्यारकरना
याफिरपीठपेवारकरना
जबनादानीहोजातीहै
नईकहानीहोजातीहै
नईकहानीलिखलाऊँगा
अगलेरोज़मैंबिकजाऊँगा
तेरेगुलजबखिलजाएँगे
मुझकोपैसेमिलजाएँगे
यादहैपहलेरोज़कहाथा
बिछड़गएतोमौजउड़ाना
वापसमेरेपासआना
जबकोईजाकरवापसआए
रोएतड़पेयापछताए
मैंफिरउसकोमिलतानहींहूँ
साथदोबाराचलतानहींहूँ
गुमजाताहूँखोजाताहूँ
मैंपत्थरकाहोजाताहूँ
  - Khalil Ur Rehman Qamar
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