अश्क-ए-नादाँसेकहोबादमेंपछताएँगे
आपगिरकरमेरीआँखोंसेकिधरजाएँगे
अपनेलफ़्ज़ोंकोतकल्लुमसेगिराकरजाना
अपनेलहजेकीथकावटमेंबिखरजाएँगे
इकतेराघरथामेरीहद-ए-मुसाफ़ितलेकिन
अबयेसोचाहैकिहमहदसेगुज़रजाएँगे
अपनेअफ़्कारजलाडालेंगेकाग़ज़काग़ज़
सोचमरजाएगीतोहमआपभीमरजाएँगे
इससेेपहलेकिजुदाईकीख़बरतुमसेेमिले
हमनेसोचाहैकिहमतुमसेेबिछड़जाएँगे