safar | सफ़र

  - Kashif Hussain Kashif
सफ़र
हररोज़नींदकीआग़ोशसेनिकलकर
मैंतन्हाजाताहूँघरसेनिकलकर
फिरयूँँकेकुछइंतिज़ारहोताहै
उनरास्तोंसेमुश्किलसेप्यारहोताहै
हरलम्हेबसवहीयादआतीहै
वोशहरमेंबिताईहुईशामयादआतीहै
हमथेकभीभीड़काएकहिस्सा
अबमहज़बनकररहगयाहैएकक़िस्सा
बहुतमुश्किलथाअपनेशहरसहिजरतकरना
मगरयेकामभीज़रूरीथामुझकोकरना
रास्तेमेंबहुतकुछनया–नयासादिखताहै
मगरअबतुझसेाकहाँकुछदिखताहै
अबतोमुसलसलजारीरहताहैंसफ़र
मगरअफ़सोसतूइसमुसाफ़िरकेहालसेहैबेख़बर
  - Kashif Hussain Kashif
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