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Kamlesh Goyal
muhabbat se tiri ye zindagi meri sanwar jaati
muhabbat se tiri ye zindagi meri sanwar jaati | मुहब्बत से तिरी ये ज़िन्दगी मेरी सँवर जाती
- Kamlesh Goyal
मुहब्बत
से
तिरी
ये
ज़िन्दगी
मेरी
सँवर
जाती
तिरे
इक
साथ
से
बस
ज़िन्दगी
मेरी
गुज़र
जाती
मिरा
जो
हाल
है,होता,सभी
का
ही
मुहब्बत
में
वही
हर-सू
नज़र
आती
जिधर
भी
ये
नज़र
जाती
सुना
है
जागने
पर
ही
तिरे
होता
सवेरा
है
सुना
है
बंद
कर
ले
आँख
तो
ये
शब
ठहर
जाती
- Kamlesh Goyal
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एक
ही
बार
नज़र
पड़ती
है
उन
पर
‘ताबिश’
और
फिर
वो
ही
लगातार
नज़र
आते
हैं
Zubair Ali Tabish
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मुक़ाबिल
फ़ासलों
से
ही
मोहब्बत
डूब
जाएगी
सुनोगी
झूठी
बातें
तुम
हक़ीक़त
डूब
जाएगी
चलेगी
तब
तलक
जब
तक
तिरी
परछाईं
देखेगी
तिरा
जब
हुस्न
देखेगी
सियासत
डूब
जाएगी
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Anurag Pandey
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घूमता
रहता
है
हर
वक़्त
मेरी
आँखों
में
एक
चेहरा
जो
कई
साल
से
देखा
भी
नहीं
Riyaz Tariq
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उसी
के
चेहरे
पे
आँखें
हमारी
रह
जाएँ
किसी
को
इतना
भी
क्या
देखना
ज़रूरी
है
Jyoti Azad Khatri
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मुझे
आँखें
दिखाकर
बोलती
है
चुप
रहो
भैया
बहिन
छोटी
भले
हो
बात
वो
अम्मा
सी
करती
है
Divy Kamaldhwaj
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मुमकिन
है
कि
सदियों
भी
नज़र
आए
न
सूरज
इस
बार
अँधेरा
मिरे
अंदर
से
उठा
है
Aanis Moin
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नहीं
है
लब
पे
दिखावे
का
भी
तबस्सुम
अब
हमें
किसी
ने
मुक़म्मल
उदास
कर
दिया
है
Amaan Haider
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ऐसे
इक़रार
में
इंकार
के
सौ
पहलू
हैं
वो
तो
कहिए
कि
लबों
पे
न
तबस्सुम
आए
Asad Bhopali
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देखने
के
लिए
सारा
आलम
भी
कम
चाहने
के
लिए
एक
चेहरा
बहुत
Asad Badayuni
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लाखों
सद
में
ढेरों
ग़म
फिर
भी
नहीं
हैं
आँखें
नम
इक
मुद्दत
से
रोए
नहीं
क्या
पत्थर
के
हो
गए
हम
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Azm Shakri
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सब
के
सब
फ़क़त
हम
इंसान
बन
के
आए
थे
फिर
हुआ
ये
मिल
कर
मज़हब
बना
दिए
हम
ने
Kamlesh Goyal
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हर
कोई
लगा
मुझको
नाकाम
बनाने
में
हम
भी
है
लगे
फिर
अपना
नाम
बनाने
में
Kamlesh Goyal
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नया
इक
मोड़
देखो
आ
गया
मेरी
कहानी
में
दिवाना
रोज़
मिल
कर
भी
नहीं
मिलता
दिवानी
में
भुला
सकती
नहीं
अब
तो
मुझे
तुम
जान
कर
जाना
ये
अपनी
जान
दी
तुझ
को
मुहब्बत
की
निशानी
में
नहीं
होगी
जुदा
सच्ची
मुहब्बत
से
मुहब्बत
अब
मरेगा
अब
नहीं
किरदार
भी
मेरी
कहानी
में
उसी
के
देखने
से
बस
दिया
रौशन
हुआ
होगा
उसी
ने
देखना
छू
कर
लगा
दी
आग
पानी
में
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Kamlesh Goyal
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मिलें
हम
यार
दोनों
और
फिर
इक
राय
हो
जाए
बड़ा
है
सर्द
मौसम
और
दो
कप
चाय
हो
जाए
Kamlesh Goyal
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मैं
जलवे
आप
को
अपने
हुनर
के
तो
दिखाऊँगा
मगर
कह
के
नहीं
अब
कुछ
मैं
कर
के
तो
दिखाऊँगा
Kamlesh Goyal
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