teri mehfil men raushni na hui | तेरी महफ़िल में रौशनी न हुई

  - Kalim Tahiri
तेरीमहफ़िलमेंरौशनीहुई
आजभीदूरतीरगीहुई
ज़िंदगीसेतोमौतबेहतरहै
ऐसेजीनेमेंज़िंदगीहुई
दूसरीदास्ताँसुनातेक्या
पहलीरूदादख़त्महीहुई
एकऔरज़िंदगीहैमौतकेबाद
या'नीयेज़ीस्तआरज़ीहुई
चाहिएदोस्तीकोरंग-ए-वफ़ा
आशनाईहीदोस्तीहुई
हमतोइंसान-दोस्तहैंऐसे
कोईसूरतभीअजनबीहुई
हमनेग़मभरलिएहैंदामनमें
जबमुयस्सरकोईख़ुशीहुई
क्या'कलीम'इंतिज़ार-ए-सुब्ह-ए-हसीं
लोगकहतेहैंशामहीहुई
  - Kalim Tahiri
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