zabaan pe aah na seene pe daagh laaya main | ज़बाँ पे आह न सीने पे दाग़ लाया मैं

  - Kalidas Gupta Raza
ज़बाँपेआहसीनेपेदाग़लायामैं
तुम्हारीबज़्मसेक्याना-मुरादआयामैं
सुराग़-ए-मेहर-ओ-मोहब्बतकाढूँडियोकहीं
किउनकीराखहवामेंबिखेरआयामैं
ज़मींकीशम्ओंसेजबदिलकोरौशनीमिली
फ़लकसेचाँदसितारेउतारलायामैं
ख़यालफ़िक्रकीआवारगीअरेतौबा
निकलगयाजोकहींहाथहीआयामैं
हज़ारक़ाफ़िलेमर्गहयातकेगुज़रे
दर्दनेकभीथामामुस्कुरायामैं
शबाबपरथाचमनइंतिख़ाब-ए-गुलकैसा
तमामफूलनज़रमेंसमेटलायामैं
कोईसफ़रसासफ़रथाकोईथीबाटसीबाट
रह-ए-हयातपेदो-गामचलपायामैं
बजाएनालारज़ाबार-हाहुआऐसा
ग़मोंकीशोरिश-ए-पैहमपेमुस्कुरायामैं
  - Kalidas Gupta Raza
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