koi raaz nahin koi bhed nahin sab zaahir hai to chhupaayein kya | कोई राज़ नहीं कोई भेद नहीं सब ज़ाहिर है तो छुपाएँ क्या

  - Kaleem Qaisar Balrampuri
कोईराज़नहींकोईभेदनहींसबज़ाहिरहैतोछुपाएँक्या
तुमज़िदपेअड़ेतुमशकमेंपड़ेतुमख़ुदहीकहोबतलाएँक्या
कोईकर्बनहींकोईदर्दनहींचेहराभीहमाराज़र्दनहीं
जबदिलमेंउट्ठेटीसकोईफिरसच्चाशे'रसुनाएँक्या
हमदिलकोक्यानाशादकरेंक्यावक़्तअपनाबर्बादकरें
बे-वज्हतुम्हेंक्यायादकरेंआँखोंकोख़ूनरुलाएँक्या
अबसाथजोतेराछूटगयाइकख़्वाबथासोवोटूटगया
क्यारहरहउसकोयादकरेंऔररोरोकरपछताएँक्या
जबअम्न-ओ-सुकूँहैबस्तीमेंकोईखोटनहींहैमस्तीमें
वीरानीयेकिसीचारोंतरफ़करताहैयेसाएँसाएँक्या
  - Kaleem Qaisar Balrampuri
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