haqeeqat hai ise maane na maane ghatti badhti hain | हक़ीक़त है इसे मानें न मानें घटती बढ़ती हैं

  - Kaleem Haider Sharar
हक़ीक़तहैइसेमानेंमानेंघटतीबढ़तीहैं
वोझूटीहोंकिसच्चीदास्तानेंघटतीबढ़तीहैं
किसीपहलूसेकोईतीरकरचाटजाएगा
हज़ारोंज़ाविएहैंऔरकमानेंघटतीबढ़तीहैं
फ़लक-गीरीकीख़्वाहिशबाल-ओ-परकोराखकरदेगी
हवस-रानोपरिंदोंकीउड़ानेंघटतीबढ़तीहैं
शिकम-सेरीनेदस्तर-ख़्वानबिछवाएहैंलोगोंसे
मज़ाक़-ए-ज़ाइक़ासमझोज़बानेंघटतीबढ़तीहैं
बुलंदीऔरपस्तीकाकोईमेआरतयकरलो
ज़मींतंगहोरहीहैऔरचटानेंघटतीबढ़तीहैं
मैंइनचाँदीकेबाज़ारोंपेअपनेदाँतक्यागाड़ूँ
चमकतीफीकीपड़तीसबदूकानेंघटतीबढ़तीहैं
'शरर'मैंऐसीमिट्टीपरअसास-ए-फ़ननहींरखता
रसानोंकाभरोसाक्यारसानेंघटतीबढ़तीहैं
  - Kaleem Haider Sharar
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