vaqt ke dar par bhi hai bahut kuchh vaqt ke dar se aage bhi | वक़्त के दर पर भी है बहुत कुछ वक़्त के दर से आगे भी

  - Kaleem Aajiz
वक़्तकेदरपरभीहैबहुतकुछवक़्तकेदरसेआगेभी
शाम-ओ-सहरकेसाथभीचलिएशाम-ओ-सहरसआगेभी
अक़्ल-ओ-ख़िरदकेहंगामोंमेंशौक़कादामनछूटजाए
शौक़बशरकोलेजाताहैअक़्ल-ए-बशरसेआगेभी
दार-ओ-रसनकीरेशा-दवानीगर्दन-ओ-सरतकरहतीहै
अहल-ए-जुनूँकापाँवरहाहैगर्दन-ओ-सरसेआगेभी
मेरेघरकोआगलगाकरहम-सायोंकोहँसनेदो
शोलेबढ़करजापहुँचेंगेमेरेघरसेआगेभी
इश्क़नेराह-ए-वफ़ासमझाईसमझानेकेब'अदकहा
वक़्तपड़ातोजानाहोगाराहगुज़रसेआगेभी
शाएरफ़िक्र-ओ-नज़रकामालिकदिलकासुल्ताँघरकाफ़क़ीर
दुनियाकापामालक़दमभीदुनियाभरसेआगेभी
आँखेंजोकुछदेखरहीहैंउससेधोकाखाएँक्या
दिलतो'आजिज़'देखरहाहैहद्द-ए-नज़रसेआगेभी
  - Kaleem Aajiz
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