phoolon ko apne paanv se thukr | फूलों को अपने पाँव से ठुकराए जाते हैं

  - Kalb-E-Hussain Nadir
फूलोंकोअपनेपाँवसेठुकराएजातेहैं
मलकरवोइत्रबाग़मेंइतराएजातेहैं
दिलक़रारसब्रहैलाज़िमफ़िराक़में
बेताबियोंसेक्यावोतिरीआएजातेहैं
आएहैंदिनबहारकेसय्यादकहरहा
ताइरक़फ़समेंबाग़केघबराएजातेहैं
चुहलोंसेछेड़-छाड़सेवाक़िफ़नहींहैंवो
क्यागुदगुदाइएकिवोशरमाएजातेहैं
तरशर्मकेपसीनेसेऐसेहुएहैंरात
मल्बूस-ए-ख़ासधूपमेंसुखलाएजातेहैं
नाज़ुककमरवोऐसेहैंवक़्त-ए-ख़िराम-ए-नाज़
ज़ुल्फ़ेंजोखोलतेहैंतोबलखाएजातेहैं
शुक्र-ए-ख़ुदा-ए-पाकहै'नादिर'-ए-हज़ीं
उम्मतमेंहमरसूलकीकहलाएजातेहैं
  - Kalb-E-Hussain Nadir
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