dil mujhe kufr aashna na kare | दिल मुझे कुफ़्र आश्ना न करे

  - Kalb-E-Hussain Nadir
दिलमुझेकुफ़्रआश्नाकरे
बंदाबुतकाहूँमैंख़ुदाकरे
काटतीहैपतंगग़ैरोंकी
हमसेतक्कलतिरेउड़ाकरे
सुल्हमंज़ूरहैअगरतुमको
आँखअग़्यारसेलड़ाकरे
क्यूँँआँचलदुपट्टेकालटके
होपरी-ज़ादपरलगाकरे
हैवोबुतअबतोमहव-ए-यकताई
डरख़ुदाकाहोतोक्याकरे
पढ़े'नादिर'जोशेर-ए-तर्ज़-ए-जदीद
सुनकेक्यूँँख़ल्क़वाह-वाकरे
  - Kalb-E-Hussain Nadir
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