s | साए हैं गोश-बर-आवाज़ ज़रा आहिस्ता

  - Kailash Mahir
साएहैंगोश-बर-आवाज़ज़राआहिस्ता
मोनिसोआजकीशबज़िक्र-ए-वफ़ाआहिस्ता
चाँदकेपाँवरुकेथमगएउड़तेबादल
ज़िक्रकिसआरिज़-ओ-गेसूकाचलाआहिस्ता
कितनेदिनआएकफ़नओढ़ेहुएख़्वाबोंका
शबनेखोलीतिरीयादोंकीक़बाआहिस्ता
क्याख़बरअगलेबरसअजनबीहोजाएँहम
टूटतेजातेहैंपैमान-ए-वफ़ाआहिस्ता
आजफिरज़ख़्म-ए-तमन्नासेमहकउठतीहै
कोईपैग़ामलिएआईसबाआहिस्ता
आँखनेदेखाहोदिलतोमगरजानेहै
कौनदेताहैदरीचोंपेसदाआहिस्ता
  - Kailash Mahir
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