thikaana ho na ho phir bhi thikaana dhundh lete hain | ठिकाना हो न हो फिर भी ठिकाना ढूँड लेते हैं

  - Kailash Guru Swami
ठिकानाहोहोफिरभीठिकानाढूँडलेतेहैं
क़फ़समेंरहकेभीहमआशियानाढूँडलेतेहैं
किताब-ए-दिलमेंवोग़मकोछुपालेंगेतोक्याहोगा
मगरहमदर्द-ओ-ग़मकाहरख़ज़ानाढूँडलेतेहैं
कभीउनकोसहारेकीज़रूरतहीनहींपड़ती
परिंदेख़ुद-ब-ख़ुदअपनाठिकानाढूँडलेतेहैं
ज़मानेकीनज़रमेंक़तरा-ए-शबनमसहीलेकिन
कुछऐसेहैंजोअश्कोंमेंफ़सानाढूँडलेतेहैं
ग़िज़ाहंसोंकोमोतीकीकोईलाकरनहींदेता
वोख़ुदसीपोंकेअंदरअपनादानाढूँडलेतेहैं
मिरीतन्हाइयोंकाज़िक्रजबउनतकनहींपहुँचा
तोकिसकीरहबरीसेवोठिकानाढूँडलेतेहैं
जबउनकानामअपनीरूहमेंगुदवालिया'स्वामी'
तोफिरक्यूँतर्क-ए-उल्फ़तकाबहानाढूँडलेतेहैं
  - Kailash Guru Swami
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