gham zamaane se chhupaana hi pada | ग़म ज़माने से छुपाना ही पड़ा

  - Kailash Guru Swami
ग़मज़मानेसेछुपानाहीपड़ा
रोतेरोतेमुस्कुरानाहीपड़ा
दिलकोदिलसेभीबचानाहीपड़ा
येभीग़ममुझकोउठानाहीपड़ा
साज़िशीतिरछीनज़रथीक्याकहें
चोटखाकरमुस्कुरानाहीपड़ा
पीसभीनेमैंहीतिश्नाथामगर
साथउनकेलड़खड़ानाहीपड़ा
उनकीरुस्वाईनेजबघेरामुझे
मुझकोउनसेदूरजानाहीपड़ा
ज़िंदगीकोऔरकबतकझेलता
मौतसेपंजालड़ानाहीपड़ा
आँसूओंनेइसतरहतरतीबदी
ग़मकाहरक़िस्सासुनानाहीपड़ा
इंतिहा-ए-इश्क़मेंखाएफ़रेब
चाहकरभीभूलजानाहीपड़ा
तीरगीथीऔरउनकीयादथी
दिलकोऐसेमेंजलानाहीपड़ा
हाल-ए-दिलउनसेछुपातेकबतलक
राज़उल्फ़तकाबतानाहीपड़ा
'स्वामी'उनकीज़िदकेआगेझुकगए
बिजलियोंपरघरबनानाहीपड़ा
  - Kailash Guru Swami
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