hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
"Nadeem khan' Kaavish"
mila tha jis bageeche men vo ab shamshaan lagta hai
mila tha jis bageeche men vo ab shamshaan lagta hai | मिला था जिस बगीचे में वो अब शमशान लगता है
- "Nadeem khan' Kaavish"
मिला
था
जिस
बगीचे
में
वो
अब
शमशान
लगता
है
मुहब्बत
ने
ये
कैसे
दिन
दिखाए
हैं
मुहब्बत
में
- "Nadeem khan' Kaavish"
Download Sher Image
कभी
कभी
तो
झगड़ने
का
जी
भी
चाहेगा
मगर
ये
जंग
मोहब्बत
से
जीती
जाएगी
Amaan Abbas Naqvi
Send
Download Image
44 Likes
दिल
में
जो
मोहब्बत
की
रौशनी
नहीं
होती
इतनी
ख़ूब-सूरत
ये
ज़िंदगी
नहीं
होती
Hastimal Hasti
Send
Download Image
26 Likes
किसी
के
इश्क़
में
बर्बाद
होना
हमें
आया
नहीं
फ़रहाद
होना
Manish Shukla
Send
Download Image
29 Likes
वो
जो
पहला
था
अपना
इश्क़
वही
आख़िरी
वारदात
थी
दिल
की
Pooja Bhatia
Send
Download Image
45 Likes
इश्क़
क़ैस
फ़रहाद
रोमियो
जैसे
ही
कर
सकते
हैं
हम
तो
ठहरे
दस
से
छह
तक
ऑफ़िस
जाने
वाले
लोग
Vashu Pandey
Send
Download Image
29 Likes
कोई
तो
पूछे
मोहब्बत
के
इन
फ़रिश्तों
से
वफ़ा
का
शौक़
ये
बिस्तर
पे
क्यूँ
उतर
आया
Harsh saxena
Send
Download Image
60 Likes
इश्क़
का
था
खेल
केवल
दौड़
का
बन
के
बल्लेबाज़
शामिल
हो
गया
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
34 Likes
फिर
वही
रोना
मुहब्बत
में
गिला
शिकवा
जहाँ
से
रस्म
है
बस
इसलिए
भी
तुम
को
साल-ए-नौ
मुबारक
Neeraj Neer
Send
Download Image
17 Likes
हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
Read Full
Send
Download Image
2 Likes
अदावत
मुहब्बत
रफ़ाक़त
नहीं
है
हमें
तुम
सेे
कोई
शिकायत
नहीं
है
दिलों
को
लगाने
लगे
हो
जहाँँ
तुम
वहाँ
तो
किसी
को
मुहब्बत
नहीं
है
Read Full
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
5 Likes
Read More
सर्द
मौसम
यूँँ
अचानक
हो
गया
चाँद-सूरज
लग
रहे
रूठे
हुए
"Nadeem khan' Kaavish"
Send
Download Image
3 Likes
हमारे
दिल
की
चाहत
थी,
नहीं
ना
तुझे
मुझ
सेे
मुहब्बत
थी,
नहीं
ना
बता
मेरी
जमा
तस्वीर
कोई,
कभी
तेरी
इबादत
थी,
नहीं
ना
कभी
पागल
हुए
मेरे
लिए
तुम
कभी
मिलने
की
हसरत
थी,नहीं
ना
हमेशा
मैं
ही
समझौता
करूँं
क्या
मुहब्बत
क्या
सियासत
थी,नहीं
ना
मिला
ना
अब
नज़र
को,
बोल
भी
कुछ
क़सम
है
बोल
उल्फ़त
थी,नहीं
ना
Read Full
"Nadeem khan' Kaavish"
Download Image
8 Likes
अमीर-ए-शहर
की
बेटी
अगर
मुफ़्लिस
पे
मर
जाए
समझ
लेना
मुहब्बत
को
बहुत
तरसी
हुई
है
वो
"Nadeem khan' Kaavish"
Send
Download Image
4 Likes
जब
से
दिल
का
लगाना
हुआ
इक
गली
में
ठिकाना
हुआ
हम
तो
आँखों
से
मारे
गए
वज़ह
घूँघट
उठाना
हुआ
दिल
को
तन्हा
जो
सबने
किया
फिर
तेरा
आना-जाना
हुआ
लाख
कोशिश
की
हमने
मगर
दिल
तेरा
ही
दिवाना
हुआ
तेरी
यादों
के
साए
में
फिर
सिगरटों
का
जलाना
हुआ
अब
तो
हँसते
ही
रहते
हैं
हम
मुस्कुराए
ज़माना
हुआ
तुझको
छू
कर
के
बस
फिर
नदीम
इक
ग़ज़ल
गुनगुनाना
हुआ
Read Full
"Nadeem khan' Kaavish"
Download Image
5 Likes
हटा
दी
थी
तस्वीर
उसने
मेरी
वहाँ
इक
ग़ज़ल
को
लगाया
गया
"Nadeem khan' Kaavish"
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Nazar Shayari
Ghamand Shayari
Phool Shayari
Awaaz Shayari
Hasrat Shayari