tareeq-e-ishq men dekha hai kya kahein kyoon-kar | तरीक़-ए-इश्क़ में देखा है क्या कहें क्यूँँ-कर

  - Kaifi Hyderabadi
तरीक़-ए-इश्क़मेंदेखाहैक्याकहेंक्यूँँ-कर
हमारीआँखखुलीहैमक़ाम-ए-हैरतमें
अगरख़ललहैतोज़ाहिदमिरेदिमाग़मेंहै
हज़ारशुक्रनहींहैफ़ुतूरनिय्यतमें
बुलंदपस्तकीउसकेकुछइंतिहाहीनहीं
अजीबचीज़हैइंसानभीहक़ीक़तमें
येबज़्म-ए-ग़ैरहै'कैफ़ी'किधरगएहैंहवासे
कहाँतुमगएक्यागईतबीअतमें
  - Kaifi Hyderabadi
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