हुस्न-ए-हिजाब-आश्नाजानिब-ए-बामआगया
बादा-ए-तह-नशीन-ए-जामतालब-ए-जामआगया
आपनेफेंकदीनक़ाबगर्मी-ए-इश्क़देखकर
हश्र-नवाज़हुस्नआजहश्रकेकामआगया
मिल्लत-ए-कुफ़्र-ओ-दींकीबहसगर्मथीख़ानक़ाहमें
इतनेमेंकोईमयपिएदस्त-ब-जामआगया
शौक़काए'तिबारक्यायासयेइख़्तियारक्या
राह-ए-उम्मीद-ओ-बीममेंदिलकामक़ामआगया
दिलमिरादेखतारहाऔरमेरीज़बानपर
लज़्ज़त-ए-जान-ए-आरज़ूआपकानामआगया
दहरजवानहोगयाखुलगयामय-कदेकादर
साक़ी-ए-मस्तमस्त-ए-नाज़मस्त-ए-ख़िरामआगया
जल्वा-ए-बे-हिजाबकोख़ूबसमझरहाहूँमैं
महशर-ए-दीदमुंतज़िरमंज़र-ए-आमआगया
'कैफ़ी'-ए-बे-क़रारसुनयेरग-ए-जाँकेसाज़से
हैमिरीइल्तिजाक़ुबूलदिलकापयामआगया