husn-e-hijaab-aashnaa jaanib-e-baam aa gaya | हुस्न-ए-हिजाब-आश्ना जानिब-ए-बाम आ गया

  - Kaifi Chirayyakoti
हुस्न-ए-हिजाब-आश्नाजानिब-ए-बामगया
बादा-ए-तह-नशीन-ए-जामतालब-ए-जामगया
आपनेफेंकदीनक़ाबगर्मी-ए-इश्क़देखकर
हश्र-नवाज़हुस्नआजहश्रकेकामगया
मिल्लत-ए-कुफ़्र-ओ-दींकीबहसगर्मथीख़ानक़ाहमें
इतनेमेंकोईमयपिएदस्त-ब-जामगया
शौक़काए'तिबारक्यायासयेइख़्तियारक्या
राह-ए-उम्मीद-ओ-बीममेंदिलकामक़ामगया
दिलमिरादेखतारहाऔरमेरीज़बानपर
लज़्ज़त-ए-जान-ए-आरज़ूआपकानामगया
दहरजवानहोगयाखुलगयामय-कदेकादर
साक़ी-ए-मस्तमस्त-ए-नाज़मस्त-ए-ख़िरामगया
जल्वा-ए-बे-हिजाबकोख़ूबसमझरहाहूँमैं
महशर-ए-दीदमुंतज़िरमंज़र-ए-आमगया
'कैफ़ी'-ए-बे-क़रारसुनयेरग-ए-जाँकेसाज़से
हैमिरीइल्तिजाक़ुबूलदिलकापयामगया
  - Kaifi Chirayyakoti
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