ai ahl-e-mohabbat kya kahiye kya cheez mohabbat hoti hai | ऐ अहल-ए-मोहब्बत क्या कहिए क्या चीज़ मोहब्बत होती है

  - Kaifi Chirayyakoti
अहल-ए-मोहब्बतक्याकहिएक्याचीज़मोहब्बतहोतीहै
कुछग़मकीहक़ीक़तहोतीहैकुछदिलकीतबीअ'तहोतीहै
कुलज़ीस्तअलमता-ज़ीस्तअलमयकवक़्फ़ा-ए-दमतस्कीन-ए-अलम
सुनतेहैंक़यामतआतीहैजबउससेभीफ़ुर्सतहोतीहै
उफ़आयत-ए-सजदाहुस्न-ए-अदाजल्वेकेलिएपर्दाभीउठा
बेताबजबींझुकजातीहैकुछऐसीभीसूरतहोतीहै
कुछमस्तनिगाह-ए-साक़ीहैकुलमयमेंहैजोकुछबाक़ीहै
मय-ख़ानेकेबाहरकुछभीनहींमय-ख़ानेमेंजन्नतहोतीहै
दुनियासेअलगहोकर'कैफ़ी'दुनियासेख़फ़ादुनियाकागिला
उम्मीदअगरबाक़ीरहेतबयासमेंराहतहोतीहै
  - Kaifi Chirayyakoti
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