haaye logon ki karam-farmaiyaan | हाए लोगों की करम-फ़रमाइयाँ

  - Kaif Bhopali
हाएलोगोंकीकरम-फ़रमाइयाँ
तोहमतेंबदनामियाँरुस्वाइयाँ
ज़िंदगीशायदइसीकानामहै
दूरियाँमजबूरियाँतन्हाइयाँ
क्याज़मानेमेंयूँँहीकटतीहैरात
करवटेंबेताबियाँअंगड़ाइयाँ
क्यायहीहोतीहैशाम-ए-इंतिज़ार
आहटेंघबराहटेंपरछाइयाँ
एकरिंद-ए-मस्तकीठोकरमेंहैं
शाहियाँसुलतानियाँदाराइयाँ
एकपैकरमेंसिमटकररहगईं
ख़ूबियाँज़ेबाइयाँरानाइयाँ
रहगईंइकतिफ़्ल-ए-मकतबकेहुज़ूर
हिकमतेंआगाहियाँदानाइयाँ
ज़ख़्मदिलकेफिरहरेकरनेलगीं
बदलियाँबरखारुतेंपुरवाइयाँ
दीदा-ओ-दानिस्ताउनकेसामने
लग़्ज़िशेंनाकामियाँपसपाइयाँ
मेरेदिलकीधड़कनोंमेंढलगईं
चूड़ियाँमौसीक़ियाँशहनाइयाँ
उनसेमिलकरऔरभीकुछबढ़गईं
उलझनेंफ़िक्रेंक़यास-आराइयाँ
'कैफ़'पैदाकरसमुंदरकीतरह
वुसअतेंख़ामोशियाँगहराइयाँ
  - Kaif Bhopali
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy