nafs nafs men hooñ ik boo-e-sad-gulaab li.e | नफ़स नफ़स में हूँ इक बू-ए-सद-गुलाब लिए

  - Kaif Azimabadi
नफ़सनफ़समेंहूँइकबू-ए-सद-गुलाबलिए
मैंजागताहूँनिगाहोंमेंतेरेख़्वाबलिए
हमारेअहदकेलोगोंकोक्याहुआयारो
वोजीरहेहैंमगररेतकासराबलिए
मैंभूलसकतानहींहसरत-ए-नज़रउसकी
वोएकशख़्सजोगुज़राहैइज़्तिराबलिए
उदासरातकीतारीकियोंनेछेड़ाहै
अबभीजाओनिगाहोंमेंमाहताबलिए
येचिलचिलातीहुईधूपजलरहाहैबदन
गुज़ररहीहैयूँँहीहसरत-ए-सहाबलिए
  - Kaif Azimabadi
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