नफ़सनफ़समेंहूँइकबू-ए-सद-गुलाबलिए
मैंजागताहूँनिगाहोंमेंतेरेख़्वाबलिए
हमारेअहदकेलोगोंकोक्याहुआयारो
वोजीरहेहैंमगररेतकासराबलिए
मैंभूलसकतानहींहसरत-ए-नज़रउसकी
वोएकशख़्सजोगुज़राहैइज़्तिराबलिए
उदासरातकीतारीकियोंनेछेड़ाहै
अबआभीजाओनिगाहोंमेंमाहताबलिए
येचिलचिलातीहुईधूपजलरहाहैबदन
गुज़ररहीहैयूँँहीहसरत-ए-सहाबलिए