jism ki qaid se ik roz guzar jaaoge | जिस्म की क़ैद से इक रोज़ गुज़र जाओगे

  - Kaif Azimabadi
जिस्मकीक़ैदसेइकरोज़गुज़रजाओगे
ख़ुश्कपत्तोंकीतरहतुमभीबिखरजाओगे
तुमसमुंदरकीरिफ़ाक़तपेभरोसाकरो
तिश्नगीलबपेसजाएहुएमरजाओगे
वक़्तइसतरहबदलदेगातुम्हारेख़द-ओ-ख़ाल
अपनीतस्वीरजोदेखोगेतोडरजाओगे
  - Kaif Azimabadi
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