main ne socha tha ki is baar tumhaari baahen | मैं ने सोचा था कि इस बार तुम्हारी बाहें

  - Kafeel Aazar Amrohvi
मैंनेसोचाथाकिइसबारतुम्हारीबाहें
मेरीगर्दनमेंब-सद-शौक़हमाइलहोंगी
मुश्किलेंराह-ए-मोहब्बतमेंहाइलहोंगी
मैंनेसोचाथाकिइसबारनिगाहोंकेसलाम
आएँगेऔरब-अंदाज़-ए-दिगरआएँगे
फूलहीफूलफ़ज़ाओंमेंबिखरजाएँगे
मैंनेसोचाथाकिइसबारतुम्हारीसाँसें
मेरीबहकीहुईसाँसोंसेलिपटजाएँगी
बज़्म-ए-एहसासकीतारीकियाँछटजाएँगी
मैंनेसोचाथाकिइसबारतुम्हारापैकर
मेरेबे-ख़्वाबदरीचोंकोसुलाजाएगा
मेरेकमरेकोसलीक़ेसेसजाजाएगा
मैंनेसोचाथाकिइसबारमिरेआँगनमें
रंगबिखरेंगेउमीदोंकीधनकटूटेगी
मेरीतन्हाईकेआरिज़पेशफ़क़फूटेगी
मैंनेसोचाथाकिइसबारब-ईंसूरत-ए-हाल
मेरेदरवाज़ेपेशहनाइयाँसबदेखेंगे
जोकभीपहलेनहींदेखाथाअबदेखेंगे
मैंनेसोचाथाकिइसबारमोहब्बतकेलिए
गुनगुनातेहुएजज़्बोंकीबरातआएगी
मुद्दतोंब'अदतमन्नाओंकीरातआएगी
तुममिरेइश्क़कीतक़दीरबनोगीइसबार
जीतजाएगामिराजोश-ए-जुनूँसोचाथा
औरअबसोचरहाहूँकियेक्यूँँसोचाथा
  - Kafeel Aazar Amrohvi
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