कैफ़ियतऐसीहैकोईराज़दाँमेरानहीं
मैंअकेलाहूँयहाँयेकारवाँमेरानहीं
सूरत-ए-अहवालअपनाहोबयाँकैसेयहाँ
अस्लमेंदिखताहूँजोवोतर्जुमामेरानहीं
दिलमिराक़दमों-तलेरखतीहोक्यूँँतुमजान-ए-जाँ
दिलमिरामासूमहैदिलराएगाँमेरानहीं
ज़िक्रमेरारात-दिनकरतेरहेजोकलतलक
अबलबोंपरउनकेभीनाम-ओ-निशाँमेरानहीं
तूबड़ाख़ुश-बख़्तहैउर्दूतिरीअहल-ए-ज़बान
बद-नसीबीदेखऐसाख़ानदाँमेरानहीं