kaifiyat aisi hai koii raazdaan miraa nahin | कैफ़ियत ऐसी है कोई राज़दाँ मेरा नहीं

  - 'June' Sahab Barelvi
कैफ़ियतऐसीहैकोईराज़दाँमेरानहीं
मैंअकेलाहूँयहाँयेकारवाँमेरानहीं
सूरत-ए-अहवालअपनाहोबयाँकैसेयहाँ
अस्लमेंदिखताहूँजोवोतर्जुमामेरानहीं
दिलमिराक़दमों-तलेरखतीहोक्यूँँतुमजान-ए-जाँ
दिलमिरामासूमहैदिलराएगाँमेरानहीं
ज़िक्रमेरारात-दिनकरतेरहेजोकलतलक
अबलबोंपरउनकेभीनाम-ओ-निशाँमेरानहीं
तूबड़ाख़ुश-बख़्तहैउर्दूतिरीअहल-ए-ज़बान
बद-नसीबीदेखऐसाख़ानदाँमेरानहीं
  - 'June' Sahab Barelvi
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