KHud pe likhni hai ik kitaab mujhe | ख़ुद पे लिखनी है इक किताब मुझे

  - 'June' Sahab Barelvi
ख़ुदपेलिखनीहैइककिताबमुझे
मारडालेयेअज़ाबमुझे
अव्वलअव्वलतोख़्वाबअच्छेमगर
अबडरातेहैंमेरेख़्वाबमुझे
आजकलवाइज़ोंमेंरहताहूॅं
रिंदोंकोदोदोशराबमुझे
बसमैंदिखताहूॅंशाइरोंजैसा
यूँँॅंतवज्जोहदोजनाबमुझे
बे-हिजाबोंकाक्याबयानकरूँॅं
अच्छालगताहैबसहिजाबमुझे
ध्यानसेदेखलूॅंतोदिनमेंभी
साफ़दिखताहैमाहताबमुझे
क्याहसीनोंकोहीमुयस्सरहै
कोईदेतानहींगुलाबमुझे
इकमहीनेकोनामरखकरजू'न
एकलानाहैइंकिलाबमुझे
  - 'June' Sahab Barelvi
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