mire gham ko bhi jaan paati tum | मेरे ग़म को भी जान पाती तुम

  - 'June' Sahab Barelvi
मेरेग़मकोभीजानपातीतुम
दिलऔरोंसेफिरलगातीतुम
ख़ैरियतपूछनीथीमुझसेेतो
मेरेदिलकेक़रीबआतीतुम
मेरीनींदोंकारुख़भीकरतीअगर
बिखरेख़्वाबोंकोफिरसजातीतुम
उड़तीपेड़ोंसेजबकोईचिड़िया
उसकेबदलेमेंचहचहातीतुम
कोईतोहैवहॉंमिरेजैसा
यूँँॅंमुझेफिरभूलजातीतुम
होताजबज़िक्र-ए-जू'नमहफ़िलमें
मेरीग़ज़लोंकोगुनगुनातीतुम
  - 'June' Sahab Barelvi
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