din aaya na malboos badal ke na nikhar ke | दिन आया न मल्बूस बदल के न निखर के

  - Jelani Kamran
दिनआयामल्बूसबदलकेनिखरके
औरलोगभीनिकलेशगुफ़्ताचमकदार
तबमैंनेसोचामिरेकाग़ज़केग़ुब्बारेनाचेंतोबेहतरहै
इकउम्रकासदमाहैबहुततल्ख़ज़मींको
सालगिरहआजमनाऊँमैंतोबेहतर
वोभीनहींख़ुशऔरख़ुशदिनकागुज़रहै
उम्रतिरासख़्तअकेलेकासफ़रहै
तबमैंनेकहाचाँदअगरअपनेबदनको
औरतकाबदनदेतोमैंकाँटोंकेतराज़ू
दिलदेकेबदललूँ
दिलदेकेबदललूँमैंक़यामतभीगहनभी
औरउनकेएवज़उससेकहूँआजकेदिनतो
रुकमेरीज़मींपर
तक़दीरहवाबनकेदरख़्तोंमेंखड़ीहै
औरमैंअजबचीज़चटानोंपेगिराहूँ
  - Jelani Kamran
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