aa gaii hai rut-bahaar | आ गई है रुत-बहार

  - Jayant Parmar
गईहैरुत-बहार
सब्ज़पत्तेसब्ज़तितलीसब्ज़मंज़रइंतिज़ार
इत्र-आगींहैंहवाएँ
पेड़कीगर्दनपेहँसताहैतिरीयादोंकाहार
एकसायापेड़परचढ़ताहुआ
इकसिताराबादलोंकेआर-पार
चाँददरियापारकरकेरहाहै
तुमसेमिलनेबे-क़रार
शश-जिहतपरख़ुशबुओंकीभीड़सी
बंदरखनातुमअपनेघरकेद्वार
  - Jayant Parmar
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