shahar ke dukaa'n-daaro kaarobaar-e-ulfat men sood kya ziyaan kya hai tum na jaan paoge | शहर के दुकाँ-दारो कारोबार-ए-उल्फ़त में सूद क्या ज़ियाँ क्या है तुम न जान पाओगे

  - Javed Akhtar
शहरकेदुकाँ-दारोकारोबार-ए-उल्फ़तमेंसूदक्याज़ियाँक्याहैतुमजानपाओगे
दिलकेदामकितनेहैंख़्वाबकितनेमहँगेहैंऔरनक़्द-ए-जाँक्याहैतुमजानपाओगे
कोईकैसेमिलताहैफूलकैसेखिलताहैआँखकैसेझुकतीहैसाँसकैसेरुकतीहै
कैसेरहनिकलतीहैकैसेबातचलतीहैशौक़कीज़बाँक्याहैतुमजानपाओगे
वस्लकासुकूँक्याहैहिज्रकाजुनूँक्याहैहुस्नकाफ़ुसूँक्याहैइश्क़कादरूँक्याहै
तुममरीज़-ए-दानाईमस्लहतकेशैदाईराह-ए-गुम-रहाँक्याहैतुमजानपाओगे
ज़ख़्मकैसेफलतेहैंदाग़कैसेजलतेहैंदर्दकैसेहोताहैकोईकैसेरोताहै
अश्कक्याहैनालेक्यादश्तक्याहैछालेक्याआहक्याफ़ुग़ाँक्याहैतुमजानपाओगे
ना-मुराददिलकैसेसुब्ह-ओ-शामकरतेहैंकैसेज़िंदारहतेहैंऔरकैसेमरतेहैं
तुमकोकबनज़रआईग़म-ज़दोंकीतन्हाईज़ीस्तबे-अमाँक्याहैतुमजानपाओगे
जानताहूँमैंतुमकोज़ौक़-ए-शाएरीभीहैशख़्सियतसजानेमेंइकयेमाहरीभीहै
फिरभीहर्फ़चुनतेहोसिर्फ़लफ़्ज़सुनतेहोउनकेदरमियाँक्याहैतुमजानपाओगे
  - Javed Akhtar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy