kin lafzon men itni kadvi itni kaseeli baat likhoon | किन लफ़्ज़ों में इतनी कड़वी इतनी कसीली बात लिखूँ

  - Javed Akhtar
किनलफ़्ज़ोंमेंइतनीकड़वीइतनीकसीलीबातलिखूँ
शे'रकीमैंतहज़ीबनिभाऊँयाअपनेहालातलिखूँ
ग़मनहींलिक्खूँक्यामैंग़मकोजश्नलिखूँक्यामातमको
जोदेखेहैंमैंनेजनाज़ेक्याउनकोबारातलिखूँ
कैसेलिखूँमैंचाँदकेक़िस्सेकैसेलिखूँमैंफूलकीबात
रेतउड़ाएगर्महवातोकैसेमैंबरसातलिखूँ
किसकिसकीआँखोंमेंदेखेमैंनेज़हरबुझेख़ंजर
ख़ुदसेभीजोमैंनेछुपाएकैसेवोसदमातलिखूँ
तख़्तकीख़्वाहिशलूटकीलालचकमज़ोरोंपरज़ुल्मकाशौक़
लेकिनउनकाफ़रमानाहैमैंइनकोजज़्बातलिखूँ
क़ातिलभीमक़्तूलभीदोनोंनामख़ुदाकालेतेथे
कोईख़ुदाहैतोवोकहाँथामेरीक्याऔक़ातलिखूँ
अपनीअपनीतारीकीकोलोगउजालाकहतेहैं
तारीकीकेनामलिखूँतोक़ौ
मेंफ़िरक़ेज़ातलिखूँ
जानेयेकैसादौरहैजिसमेंजुरअतभीतोमुश्किलहै
दिनहोअगरतोउसकोलिखूँदिनरातअगरहोरातलिखूँ
  - Javed Akhtar
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