khula hai dar p tira intizaar jaata raha | खुला है दर प तिरा इंतिज़ार जाता रहा

  - Javed Akhtar
खुलाहैदरतिराइंतिज़ारजातारहा
ख़ुलूसतोहैमगरएतिबारजातारहा
किसीकीआँखमेंमस्तीतोआजभीहैवही
मगरकभीजोहमेंथाख़ुमारजातारहा
कभीजोसीनेमेंइकआगथीवोसर्दहुई
कभीनिगाहमेंजोथाशरारजातारहा
अजबसाचैनथाहमकोकिजबथेहमबेचैन
क़रारआयातोजैसेक़रारजातारहा
कभीतोमेरीभीसुनवाईहोगीमहफ़िलमें
मैंयेउमीदलिएबारबारजातारहा
  - Javed Akhtar
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