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Jaun Elia
kaun is ghar ki dekh-bhaal kare
kaun is ghar ki dekh-bhaal kare | कौन इस घर की देख-भाल करे
- Jaun Elia
कौन
इस
घर
की
देख-भाल
करे
रोज़
इक
चीज़
टूट
जाती
है
- Jaun Elia
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इन
का
उठना
नहीं
है
हश्र
से
कम
घर
की
दीवार
बाप
का
साया
Unknown
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पास
मैं
जिसके
हूँ
वो
फिर
भी,
अच्छा
लड़का
ढूँढ़
रही
है
उसने
लगा
रक्खा
है
चश्मा,
और
वो
चश्मा
ढूँढ़
रही
है
फ़ोन
किया
मैंने
और
पूछा,
अब
तक
घर
से
क्यूँँ
नहीं
निकली
उस
ने
कहा
मुझ
सेे
मिलने
का,
एक
बहाना
ढूँढ़
रही
है
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Tanoj Dadhich
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रोज़
ढक
लेती
थी
नीला
जिस्म
अपना
शुक्र
है
आ
गई
बाहर
घर
की
बातें
Parul Singh "Noor"
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इश्क़
कहता
है
भटकते
रहिए
और
तुम
कहते
हो
घर
जाना
है
Madan Mohan Danish
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तू
अपने
घर
में
मुहब्बत
की
जीत
पर
ख़ुश
है
अभी
ठहर
के
मेरा
ख़ानदान
बाक़ी
है
Siraj Faisal Khan
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घर
से
निकले
थे
हौसला
कर
के
लौट
आए
ख़ुदा
ख़ुदा
कर
के
ज़िंदगी
तो
कभी
नहीं
आई
मौत
आई
ज़रा
ज़रा
करके
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Rajesh Reddy
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गुमान
है
या
किसी
विश्वास
में
है
सभी
अच्छे
दिनों
की
आस
में
है
ये
कैसा
जश्न
है
घर
वापसी
का
अभी
तो
राम
ही
वनवास
में
है
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Azhar Iqbal
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कुछ
भी
नहीं
तो
पेड़
की
तस्वीर
ही
सही
घर
में
थोड़ी
बहुत
तो
हरियाली
चाहिये
Himanshu Kiran Sharma
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मैं
ये
भी
चाहती
हूँ
तिरा
घर
बसा
रहे
और
ये
भी
चाहती
हूँ
कि
तू
अपने
घर
न
जाए
Rehana Roohi
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सब
कुछ
तो
है
क्या
ढूँडती
रहती
हैं
निगाहें
क्या
बात
है
मैं
वक़्त
पे
घर
क्यूँँ
नहीं
जाता
Nida Fazli
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ये
मत
भूलो
कि
ये
लम्हात
हम
को
बिछड़ने
के
लिए
मिलवा
रहे
हैं
Jaun Elia
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क्या
सितम
है
कि
अब
तिरी
सूरत
ग़ौर
करने
पे
याद
आती
है
Jaun Elia
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हाँ
ठीक
है
मैं
अपनी
अना
का
मरीज़
हूँ
आख़िर
मिरे
मिज़ाज
में
क्यूँँ
दख़्ल
दे
कोई
Jaun Elia
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अभी
इक
शोर
सा
उठा
है
कहीं
कोई
ख़ामोश
हो
गया
है
कहीं
है
कुछ
ऐसा
कि
जैसे
ये
सब
कुछ
इस
से
पहले
भी
हो
चुका
है
कहीं
तुझ
को
क्या
हो
गया
कि
चीज़ों
को
कहीं
रखता
है
ढूँढता
है
कहीं
जो
यहाँ
से
कहीं
न
जाता
था
वो
यहाँ
से
चला
गया
है
कहीं
आज
शमशान
की
सी
बू
है
यहाँ
क्या
कोई
जिस्म
जल
रहा
है
कहीं
हम
किसी
के
नहीं
जहाँ
के
सिवा
ऐसी
वो
ख़ास
बात
क्या
है
कहीं
तू
मुझे
ढूँड
मैं
तुझे
ढूँडूँ
कोई
हम
में
से
रह
गया
है
कहीं
कितनी
वहशत
है
दरमियान-ए-हुजूम
जिस
को
देखो
गया
हुआ
है
कहीं
मैं
तो
अब
शहर
में
कहीं
भी
नहीं
क्या
मिरा
नाम
भी
लिखा
है
कहीं
इसी
कमरे
से
कोई
हो
के
विदाअ'
इसी
कमरे
में
छुप
गया
है
कहीं
मिल
के
हर
शख़्स
से
हुआ
महसूस
मुझ
से
ये
शख़्स
मिल
चुका
है
कहीं
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Jaun Elia
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'जौन'
दुनिया
की
चाकरी
कर
के
तूने
दिल
की
वो
नौकरी
क्या
की
Jaun Elia
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