hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Javed Aslam
dil kii gehraai men aakar chhup ga.e
dil kii gehraai men aakar chhup ga.e | दिल की गहराई में आकर छुप गए
- Javed Aslam
दिल
की
गहराई
में
आकर
छुप
गए
आपको
देखे
हुए
अर्सा
हुआ
- Javed Aslam
Download Sher Image
न
तेरे
आने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
न
दिल
लगाने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
क़सम
ख़ुदा
की
बताता
हूँ
राज़
ये
तुमको
नहारी
खाने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
Read Full
Paplu Lucknawi
Send
Download Image
23 Likes
क्यूँँ
इक
तरफ़
निगाह
जमाए
हुए
हो
तुम
क्या
राज़
है
जो
मुझ
से
छुपाए
हुए
हो
तुम
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
28 Likes
सभी
से
राज़
कह
देता
हूँ
अपने
न
जाने
क्या
छुपाना
चाहता
हूँ
Shariq Kaifi
Send
Download Image
52 Likes
तू
ने
ये
क्या
ग़ज़ब
किया
मुझ
को
भी
फ़ाश
कर
दिया
मैं
ही
तो
एक
राज़
था
सीना-ए-काएनात
में
Allama Iqbal
Send
Download Image
21 Likes
ये
गहरा
राज़
है
इसका
बदन
को
खा
ही
जाती
है
मोहब्बत
पाक
होकर
भी
हवस
तक
आ
ही
जाती
है
ALI ZUHRI
Send
Download Image
42 Likes
चुप
रहते
हैं
चुप
रहने
दो
राज़
बताओ
खोले
क्या
बात
वफ़ा
की
तुम
करती
हो
बोलो
हम
कुछ
बोले
क्या
उल्फ़त
तो
अफ़साना
है
तुम
करती
खूब
सियासत
हो
हम
भी
हैं
मक़बूल
बहुत
अब
बोल
किसी
के
होलें
क्या
Read Full
Anand Raj Singh
Send
Download Image
76 Likes
सब
ने
माना
मरने
वाला
दहशत-गर्द
और
क़ातिल
था
माँ
ने
फिर
भी
क़ब्र
पे
उस
की
राज-दुलारा
लिक्खा
था
Ahmad Salman
Send
Download Image
38 Likes
तेरी
आँखों
में
जो
इक
क़तरा
छुपा
है,
मैं
हूँ
जिसने
छुप
छुप
के
तेरा
दर्द
सहा
है,
मैं
हूँ
एक
पत्थर
कि
जिसे
आँच
न
आई,
तू
है
एक
आईना
कि
जो
टूट
चुका
है,
मैं
हूँ
Read Full
Fauziya Rabab
Send
Download Image
96 Likes
वो
मेरा
जब
न
हो
सका
तो
फिर
यही
सज़ा
रहे
किसी
को
प्यार
जब
करूँँ
वो
छुप
के
देखता
रहे
Mazhar Imam
Send
Download Image
46 Likes
दीवारें
छोटी
होती
थीं
लेकिन
पर्दा
होता
था
तालों
की
ईजाद
से
पहले
सिर्फ़
भरोसा
होता
था
Azhar Faragh
Send
Download Image
52 Likes
Read More
एक
दूजे
से
जो
शिकायत
है
वो
'अदावत
नहीं
रिवायत
है
ज़िन्दगी
है
तो
मस'अले
भी
हैं
बिन
मसाइल
तो
ये
हिकायत
है
Read Full
Javed Aslam
Send
Download Image
2 Likes
पुराने
घर
के
मलबे
पर
नई
कुर्सी
बनाकर
जो
मकाँ
हमने
बिठाया
है
मज़ार-ए-दौर-ए-बचपन
है
Javed Aslam
Send
Download Image
1 Like
ब-ज़ाहिर
लाख
गर्द
आलूद
कर
दे
वक़्त
की
आँधी
नुमायाँ
दस्तरस
दिल
में
तिरी
तस्वीर
होती
है
Javed Aslam
Send
Download Image
3 Likes
मुसीबतों
ने
तवाज़न
बना
रखा
वरना
किसी
नशेब
पे
लाज़िम
फिसल
गए
होते
Javed Aslam
Send
Download Image
2 Likes
जज़्बात-ओ-ख़यालात-ओ-मनाज़िर
पे
न
रुकना
झोंके
हैं
हवाओं
के
ये
चलते
ही
रहेंगे
हिजरत
के
भी
दरवाज़े
खुले
रखना
है
दिल
में
दुनिया
है
यहाँ
लोग
निकलते
ही
रहेंगे
Read Full
Javed Aslam
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Freedom Shayari
Sabr Shayari
Shadi Shayari
Duniya Shayari
Maut Shayari