aaj tumhaare shahar se waapas laut rahi hooñ | आज तुम्हारे शहरस वापस लौट रही हूँ

  - Janan Malik
आजतुम्हारेशहरसवापसलौटरहीहूँ
लेकिनकैसे
साबित-ओ-सालिमकौनपलटकरजाताहै
किसदिलसेआईथीमैं
तुमसेमिलनाकैसाहोगा
जानेक्याकुछमनमेंथा
तुमसेमिलूँगीऔर
तुमसेमिलूँगीऔरबहुतसीबातेंहोंगीकुछहोंटोंसेबहनिकलेंगीकुछआँखेंतहरीरकरेंगी
लेकिनयेसबख़्वाबथामेरा
देखोवापसलौटरहीहूँ
तारकोलकीबलखातीयेसाँपोंजैसीसड़केंहरइकमोड़तुम्हारीयादें
औरहवामेंलम्सतुम्हारा
भीगतीआँखेंलेकरवापसलौटरहीहूँ
लौटरहीहूँख़ालीआँखऔरख़ालीहाथ
दूरउफ़ुक़परज़र्दउदासीकीचादरमेंलिपटाचाँद
बिजलीकेतारोंपरबैठेकुछख़ामोशपरिंद
इसचलतीगाड़ीमेंजैसेमैंअफ़्सुर्दा-जाँ
एकतरफ़चिड़ियोंकाचम्बापेड़ोंपरवोशोरमचाता
लेकिनजिसकादिलबुझजाएउसकोइनसेक्या
पोंछरहीहूँभीगतीआँखें
इकइककरकेतेरीयादें
आँचलकेपल्लूमेंबाँधरहीहूँ
लेकिनगाँठनहींलगतीहै
मेरीपोरेंसाथनहींहैं
जैसेमेरेहाथनहींहैं
  - Janan Malik
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