हरघरकेआस-पाससमुंदरलगामुझे
कितनामुहीबशहरकामंज़रलगामुझे
ख़िल्क़तबहुतथीफिरभीकोईबोलतानथा
सुनसानरास्तोंसेबहुतडरलगामुझे
क़ातिलकाहाथआजख़ुदाकेहैरू-ब-रू
दस्त-ए-दुआ'भीख़ूनकासाग़रलगामुझे
यूँँरेज़ारेज़ाहूँकिकोईभीहुआनथा
यूँँतोतिरीनिगाहकाकंकरलगामुझे
बैठे-बिठाएकूचा-ए-क़ातिलमेंलेगया
मासूमदिलभीकितनासितमगरलगामुझे
किसकिसनेचुटकियोंमेंउड़ायाहैमेरादिल
चाहेतोतूभीआख़िरीठोकरलगामुझे
गुलचींपलटकेसबतिरेकूचेसेआएहैं
फूलोंकेरास्तेमेंतिराघरलगामुझे
वोजागतारहातोक़यामतबपारही
वोसोगयातोऔरभीकाफ़रलगामुझे
देखाजबआँखभरकेउसेडूबतागया
आलमतमामआलम-ए-दीगरलगामुझे
उसकीख़मोशियोंमेंनिहाँकितनाशोरथा
मुझसेसिवावोदर्दकाख़ूगरलगामुझे
जिसआइनेमेंभीतिरापैकरसमागया
उसआइनेमेंअपनाहीजौहरलगामुझे
यामेरेदिलसेहसरत-ए-परवाज़छीनले
यामेरेपासआकेनएपरलगामुझे
साहिलपेजोखड़ाथातमाशाबनाहुआ
वोगहरेपानियोंकाशनावरलगामुझे
सोचातोचूरचूरथेशीशेकेघरतमाम
देखातोहाथहाथमेंपत्थरलगामुझे
आँखोंसेगर्दझाड़केदेखातोदोस्तो
कोताहक़दभीअपनेबराबरलगामुझे
तारीकियोंमेंनूरकाहालाभीथाकहीं
दश्त-ए-ख़यालअपनामुक़द्दरलगामुझे
छेड़ीकुछइसतरहसे'जमील'उसनेयेग़ज़ल
हरएकशे'रक़ंद-ए-मुकर्ररलगामुझे