दिल की दिल ने न कही यूँँ तो कई बार मिले

  - Jameel Malik
दिलकीदिलनेकहीयूँँतोकईबारमिले
हमशनासाथेमगरसूरत-ए-अग़्यारमिले
उससेकहनाकिअबऔरवोइतराकेचले
दोस्तोतुमकोअगरयार-ए-तरह-दारमिले
बे-वफ़ाहमहैंतोजान-ए-वफ़ायूँँहीसही
ढूँडलेनाजोतुम्हेंकोईवफ़ादारमिले
हमतोदिलदेकेभीदुनियामेंअकेलेहीरहे
जोहवसकारथेसबउनकेतरफ़-दारमिले
दिलकीक़ीमततोमोहब्बतकेसिवाकुछभीथी
जोमिलेसूरत-ए-ज़ेबाकेख़रीदारमिले
हमनेकाँटोंकोभीसीनेसेलगारक्खाहै
ख़ारभीहमसेब-रंग-ए-गुल-ए-गुलज़ारमिले
दूरियाँफ़ासलेहोजातेहैंतयआख़िर-ए-कार
सर-ए-गुलज़ारजोबिछड़ेथेसर-ए-दारमिले
  - Jameel Malik
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