वोलोगमेरेबहुतप्यारकरनेवालेथे
गुज़रगएहैंजोमौसमगुज़रनेवालेथे
नईरुतोंमेंदुखोंकेभीसिलसिलेहैंनए
वोज़ख़्मताज़ाहुएहैंजोभरनेवालेथे
येकिसमक़ामपेसूझीतुझेबिछड़नेकी
किअबतोजाकेकहींदिनसँवरनेवालेथे
हज़ारमुझसेवोपैमान-ए-वस्लकरतारहा
परउसकेतौर-तरीक़ेमुकरनेवालेथे
तुम्हेंतोफ़ख़्रथाशीराज़ा-बंदी-ए-जाँपर
हमाराक्याहैकिहमतोबिखरनेवालेथे
तमामरातनहाएाथाशहरबारिशमें
वोरंगउतरहीगएजोउतरनेवालेथे
उसएकछोटेसेक़स्बेपेरेलठहरीनहीं
वहाँभीचंदमुसाफ़िरउतरनेवालेथे